गांधीनगर में BRICS Youth Summit 2026: युवा शक्ति, इनोवेशन और सतत विकास पर भारत का बड़ा फोकस

संक्षिप्त जानकारी ✅
🟢 गुजरात के गांधीनगर में ब्रिक्स यूथ काउंसिल की बैठक और यूथ समिट शुरू हुआ
🟢 भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय का युवा मामलों का विभाग, 19-20 अगस्त 2026 को गांधीनगर, गुजरात में BRICS युवा परिषद की बैठक और BRICS युवा शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है, और 22 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में BRICS युवा मंत्रियों की बैठक आयोजित करेगा।
🟢 दो दिन तक चलने वाला यह कार्यक्रम इनोवेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सतत विकास) के लिए 'युवा शक्ति' को एक मुख्य ताकत के तौर पर उजागर करता है।
🟢 इन चर्चाओं का समापन 22 अगस्त को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक में होगा, जहां नेता युवा सहयोग पर संयुक्त मंत्री-स्तरीय बयान को अपनाएंगे।
🟢 सदस्य और सहयोगी देशों के आधिकारिक प्रतिनिधि, युवा इनोवेटर, उद्यमी और बदलाव लाने वाले लोग (चेंजमेकर्स) विषय-आधारित चर्चाओं में भाग ले रहे हैं ताकि ब्रिक्स युवा संयुक्त बयान को अंतिम रूप दिया जा सके और सदस्य देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत किया जा सके।
🟢 अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान, भारत ने 'युवा शक्ति' – यानी युवाओं की सामूहिक ऊर्जा, विचारों और उद्यमशीलता – को अपने युवा एजेंडे के केंद्र में रखा है, और युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता माना है।
पूरी जानकारी Details में निचे देखें :-
BRICS Youth Council Meeting और Youth Summit क्या है?
भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत गुजरात के गांधीनगर में BRICS Youth Council Meeting और BRICS Youth Summit का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार Youth Council Meeting और Youth Summit का आयोजन 19–20 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित था। 19 अगस्त को गांधीनगर में इसका प्रमुख कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इसके बाद 22 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में BRICS Youth Ministers’ Meeting आयोजित की जानी है।
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का व्यापक विषय है:
“Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”
अर्थात लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए मिलकर काम करना। इसी व्यापक सोच के तहत भारत ने युवाओं को BRICS एजेंडे के केंद्र में रखा है।
भारत ने ‘युवा शक्ति’ को क्यों बनाया केंद्र?
भारत की BRICS अध्यक्षता में ‘युवा शक्ति’ का अर्थ केवल युवाओं की संख्या से नहीं है। इसमें युवाओं की ऊर्जा, विचार, रचनात्मकता, उद्यमशीलता और समस्या-समाधान की क्षमता को विकास की ताकत के रूप में देखा गया है।
भारत का मानना है कि आने वाले समय में आर्थिक विकास, तकनीकी बदलाव, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसीलिए BRICS के युवा मंच को ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर दिया गया है जहां अलग-अलग देशों के युवा:
- अपने विचार साझा कर सकें
- नई तकनीक और इनोवेशन पर चर्चा कर सकें
- स्टार्टअप और उद्यमिता के अनुभव साझा कर सकें
- सामाजिक समस्याओं के समाधान पर विचार कर सकें
- सतत विकास के लिए नए मॉडल सुझा सकें
- एक-दूसरे के साथ नेटवर्क बना सकें
आधिकारिक तौर पर भारत ने युवाओं को innovation, entrepreneurship और sustainable development में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में रखा है।
BRICS Youth Summit में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
गांधीनगर के Youth Summit में चर्चाओं को युवाओं से जुड़े चार प्रमुख प्राथमिकता क्षेत्रों के आसपास संरचित किया गया।
1. Education, Entrepreneurship & Future Readiness
पहला बड़ा विषय था शिक्षा, उद्यमिता और भविष्य के लिए तैयारी।
आज रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। Artificial Intelligence, automation, robotics, digital economy और नई तकनीकों के कारण युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ नए कौशल की भी आवश्यकता होगी।
इसलिए BRICS देशों के बीच यह चर्चा महत्वपूर्ण है कि युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए किस प्रकार तैयार किया जाए।
इसमें संभावित रूप से:
- नई तकनीकी शिक्षा
- डिजिटल स्किल
- स्टार्टअप
- उद्यमिता
- रिसर्च
- Innovation
- Industry-Academia collaboration
जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं।
BRICS Youth Summit में युवा नेताओं और विशेषज्ञों को अपने अनुभव तथा innovative approaches साझा करने का अवसर मिला।
2. Inclusive Development & Youth Wellbeing
दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र है समावेशी विकास और युवाओं का कल्याण।
विकास का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचना आवश्यक है। युवाओं के लिए केवल रोजगार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक और सामाजिक कल्याण, अवसरों की समानता तथा समाज में भागीदारी भी महत्वपूर्ण हैं।
Inclusive Development का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
इसमें विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान दिया जा सकता है जो:
- ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित हैं
- शिक्षा और कौशल के सीमित अवसरों से जूझते हैं
- रोजगार के लिए नए अवसर तलाश रहे हैं
ऐसे मुद्दों पर BRICS देशों के अनुभव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
3. Sustainability & Environmental Responsibility
तीसरा महत्वपूर्ण विषय है सतत विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी।
जलवायु परिवर्तन आज दुनिया की प्रमुख चुनौतियों में से एक है। ऊर्जा, पानी, प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषय सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़े हुए हैं।
इसलिए BRICS Youth Summit में युवाओं को पर्यावरणीय समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखा गया।
युवा नई तकनीक और Innovation के माध्यम से:
- Renewable Energy
- Waste Management
- Clean Technology
- Sustainable Agriculture
- जल संरक्षण
- Green Entrepreneurship
जैसे क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं।
यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं है, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जुड़ा हुआ है।
4. People-to-People Cooperation & Youth Engagement
चौथा विषय है People-to-People Cooperation और Youth Engagement।
BRICS केवल सरकारों और मंत्रियों के बीच सहयोग का मंच नहीं है। इसके पीछे विभिन्न देशों के लोगों के बीच संपर्क और सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
युवाओं के बीच संपर्क बढ़ने से:
- सांस्कृतिक समझ मजबूत हो सकती है
- नए विचारों का आदान-प्रदान हो सकता है
- अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बन सकते हैं
- स्टार्टअप सहयोग बढ़ सकता है
- शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में साझेदारी विकसित हो सकती है
गांधीनगर कार्यक्रम में सदस्य और साझेदार देशों के युवा प्रतिनिधियों के बीच इसी तरह के संवाद और संपर्क को बढ़ावा दिया गया।
BRICS Youth Council क्या काम करता है?
BRICS Youth Council को युवाओं से जुड़े सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जाता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार गांधीनगर में BRICS Youth Council Meeting में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने युवा सहयोग से जुड़े प्राथमिकता क्षेत्रों पर चर्चा की।
बैठक में विशेष रूप से:
Draft Joint Declaration
और
BRICS Youth Cooperation Framework
पर विचार-विमर्श किया गया।
अलग-अलग सदस्य देशों के सुझाव, राष्ट्रीय अनुभव और best practices को ध्यान में रखते हुए सहमति बनाने की दिशा में चर्चा हुई। इन चर्चाओं के परिणामों को 22 अगस्त को होने वाली Youth Ministers’ Meeting के सामने रखा जाना है।
22 अगस्त को विशाखापत्तनम में क्या होगा?
गांधीनगर के Youth Council और Youth Summit के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण 22 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में होने वाली BRICS Youth Ministers’ Meeting है।
इस बैठक में BRICS देशों के Youth Ministers और Heads of Delegation युवा विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
गांधीनगर में हुई चर्चाओं के परिणामों की समीक्षा की जाएगी और युवा सहयोग पर Joint Ministerial Statement अपनाया जाना प्रस्तावित है।
इस प्रकार पूरी प्रक्रिया को तीन स्तरों में समझा जा सकता है:
गांधीनगर → युवा संवाद और सुझाव
↓
BRICS Youth Council → सहयोग का Framework और Draft Declaration
↓
विशाखापत्तनम → मंत्री-स्तरीय चर्चा और Joint Ministerial Statement
भारत की BRICS अध्यक्षता में पहले से हो चुके युवा कार्यक्रम
गांधीनगर का Youth Summit अचानक आयोजित किया गया कोई अकेला कार्यक्रम नहीं है। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान युवाओं से जुड़े कई कार्यक्रम पहले भी आयोजित किए गए हैं।
BRICS Youth Coordination Meeting
25 मार्च 2026 को यह बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुई थी। इसमें BRICS Youth Calendar of Activities लॉन्च किया गया और भारत की अध्यक्षता के दौरान युवा सहयोग के लिए रोडमैप तैयार किया गया।
Serve BRICS
“Serve BRICS: Volunteering for a Better Tomorrow” पहल में volunteerism को BRICS देशों के बीच साझा जिम्मेदारी और सामाजिक परिवर्तन के माध्यम के रूप में देखा गया।
भारत ने 29 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 के बीच 10 लाख घंटे के volunteerism का लक्ष्य रखने की प्रतिबद्धता जताई थी। MY Bharat प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को volunteer activities से जोड़ा गया।
BRICS Youth Entrepreneurship Working Group
20–21 मई 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में BRICS Youth Entrepreneurship Working Group Meeting आयोजित हुई। इसका उद्देश्य BRICS देशों के युवा उद्यमियों के बीच सहयोग, Innovation और Entrepreneurship को बढ़ावा देना था।
BRICS Youth Thematic Session
24 जून 2026 को वर्चुअल thematic session आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा, उद्यमिता, भविष्य की तैयारी, समावेशी विकास, युवा कल्याण, sustainability और people-to-people cooperation जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
इससे स्पष्ट होता है कि गांधीनगर का Youth Summit भारत की पूरी BRICS Youth Strategy की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
गांधीनगर में कौन-कौन शामिल हुए?
19 अगस्त के कार्यक्रम में BRICS सदस्य और Partner Countries के युवा प्रतिनिधि, युवा नेता, अधिकारी, विशेषज्ञ और अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात की कार्यवाहक मुख्य सचिव डॉ. अंजू शर्मा, युवा मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा तथा BRICS सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यह भागीदारी इस बात को दिखाती है कि Youth Summit केवल भाषणों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें युवा प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद को महत्व दिया गया।
गुजरात की संस्कृति से भी जुड़ा कार्यक्रम
BRICS सदस्य और Partner Countries के प्रतिनिधियों को गुजरात की सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने के लिए पारंपरिक भोजन और सांस्कृतिक संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
इसका उद्देश्य केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अलग-अलग देशों के युवाओं के बीच आपसी समझ और संपर्क को मजबूत करना भी था।
ऐसे cultural exchanges से BRICS के people-to-people संबंधों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
युवाओं के लिए इसका क्या महत्व है?
BRICS Youth Summit का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि युवाओं को केवल भविष्य के नागरिक के रूप में नहीं, बल्कि वर्तमान के विकास भागीदार के रूप में देखा जा रहा है।
आज का युवा:
- Startup शुरू कर सकता है
- नई Technology विकसित कर सकता है
- रोजगार पैदा कर सकता है
- सामाजिक समस्याओं के समाधान खोज सकता है
- पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकता है
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकता है
इसलिए युवा सहयोग को BRICS के व्यापक विकास एजेंडे से जोड़ना आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण हो सकता है।
BRICS और भारत के लिए इसका व्यापक महत्व
भारत की BRICS अध्यक्षता में युवा एजेंडा रखने का एक बड़ा रणनीतिक महत्व भी है।
BRICS देशों की आबादी और आर्थिक क्षमता दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इन देशों के युवाओं के बीच यदि शिक्षा, Innovation, Entrepreneurship और रोजगार से जुड़े सहयोग के नए अवसर बनते हैं, तो इसका असर केवल युवा कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा।
यह भविष्य में:
Education → Skills → Innovation → Entrepreneurship → Employment → Economic Growth
की पूरी श्रृंखला को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
इसी वजह से भारत ने अपनी BRICS Youth engagements में Innovation, Entrepreneurship, Inclusive Growth और People-to-People Connections को प्रमुखता दी है।
क्या यह युवाओं के लिए कोई नई सरकारी योजना है?
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
BRICS Youth Summit कोई ऐसी सरकारी योजना नहीं है जिसमें आम युवा सीधे आवेदन करके आर्थिक लाभ प्राप्त करेगा।
यह एक अंतरराष्ट्रीय युवा संवाद और सहयोग मंच है।
इसका उद्देश्य BRICS देशों के युवाओं, नीति-निर्माताओं, innovators, entrepreneurs और changemakers के बीच संवाद तथा सहयोग को बढ़ाना है।
इसलिए सोशल मीडिया पर इसे “युवाओं को सीधे पैसे देने वाली नई सरकारी योजना” या “सभी युवाओं के लिए नौकरी योजना” के रूप में प्रस्तुत करना गलत होगा।
Fact Check: आपके दिए गए विवरण में क्या सही है?
आपके दिए गए विवरण का मुख्य तथ्य सही है।
सही तथ्य
✔ भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।
✔ BRICS Youth Council Meeting और Youth Summit का आयोजन गांधीनगर में किया गया।
✔ कार्यक्रम का प्रमुख आयोजन 19 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक हुआ।
✔ Youth Summit में युवा नेता, प्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य प्रतिभागी शामिल हुए।
✔ Education, Entrepreneurship & Future Readiness पर चर्चा हुई।
✔ Inclusive Development & Youth Wellbeing प्रमुख विषय रहा।
✔ Sustainability & Environmental Responsibility पर चर्चा हुई।
✔ People-to-People Cooperation & Youth Engagement को प्राथमिकता दी गई।
✔ Youth Council में Draft Joint Declaration और BRICS Youth Cooperation Framework पर चर्चा हुई।
✔ 22 अगस्त 2026 को विशाखापत्तनम में BRICS Youth Ministers’ Meeting निर्धारित है।
एक जरूरी अपडेट
आपके मूल विवरण में गांधीनगर के कार्यक्रम को “19–20 अगस्त” के रूप में बताया गया है। आधिकारिक 17 अगस्त की पूर्व सूचना में भी कार्यक्रम 19–20 अगस्त के लिए निर्धारित बताया गया था। लेकिन 19 अगस्त की PIB की बाद की आधिकारिक रिलीज ने 19 अगस्त को गांधीनगर में Youth Council Meeting और Youth Summit के सफल आयोजन की पुष्टि की है। इसलिए समाचार प्रकाशित करते समय “19–20 अगस्त के लिए निर्धारित कार्यक्रम, जिसका प्रमुख आयोजन 19 अगस्त को हुआ” कहना अधिक सुरक्षित और सटीक रहेगा।
निष्कर्ष
गांधीनगर में आयोजित BRICS Youth Council Meeting और Youth Summit भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता में युवाओं को दी जा रही प्राथमिकता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
इस कार्यक्रम का मूल संदेश है कि युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान में भी Innovation, Entrepreneurship, Sustainability और सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
गांधीनगर में युवाओं और BRICS प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा को आगे 22 अगस्त को विशाखापत्तनम में होने वाली Youth Ministers’ Meeting में मंत्री-स्तरीय चर्चा से जोड़ा जाएगा।
यदि Draft Joint Declaration और BRICS Youth Cooperation Framework पर सहमति बनती है और उसके बाद व्यावहारिक सहयोग बढ़ता है, तो इससे BRICS देशों के युवाओं के बीच शिक्षा, कौशल, स्टार्टअप, Innovation, volunteering और people-to-people exchanges के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
भारत की BRICS अध्यक्षता में “युवा शक्ति” को केंद्र में रखना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था में वही देश अधिक प्रभावशाली होंगे जो अपनी युवा आबादी को शिक्षा, कौशल, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ पाएंगे।
स्रोत: भारत सरकार/प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी।
नोट: यह पोस्ट उपलब्ध आधिकारिक सरकारी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। 22 अगस्त 2026 की विशाखापत्तनम बैठक के बाद यदि Joint Ministerial Statement में नए निर्णय या घोषणाएं होती हैं, तो इस जानकारी को उनके अनुसार अपडेट किया जाना चाहिए।
Post Verified & Reviewed by: Sarkari Samrat Team
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