NASA Roman Telescope, सोन नदी समझौता, राम मंदिर CEO और गोलाला गुड़ी मंदिर

NASA Roman Telescope, सोन नदी समझौता, राम मंदिर CEO और गोलाला गुड़ी मंदिर

NASA Roman Telescope, सोन नदी समझौता, राम मंदिर CEO और गोलाला गुड़ी मंदिर

Current Affairs 1th: 🟢 ‘नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप’

🟢 NASA ने नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह डार्क मैटर, डार्क एनर्जी और हमारे सौर मंडल के बाहर के ग्रहों के अध्ययन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह टेलीस्कोप 30 अगस्त, 2026 को फ़्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX फाल्कन हेवी रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया। इस मिशन से उम्मीद है कि यह ब्रह्मांड को देखने के वैज्ञानिकों के नज़रिए को बदल देगा।

🟢 इस टेलीस्कोप का नाम नैन्सी ग्रेस रोमन के नाम पर रखा गया है, जो 1960 के दशक में NASA की पहली मुख्य खगोलशास्त्री थीं और एजेंसी की पहली महिला एग्जीक्यूटिव भी थीं। डॉ. नैन्सी ग्रेस रोमन को "हबल की माँ" (Mother of Hubble) के रूप में जाना जाता है।

🟢 रोमन का 'वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट' इसे हबल की तुलना में कम से कम 100 गुना बड़ा 'फील्ड ऑफ़ व्यू' (देखने का दायरा) देता है, जिससे वैज्ञानिक एक ही बार में आकाश के बहुत बड़े हिस्से की तस्वीर ले सकते हैं।


Current Affairs 2nd : 🟢 बिहार और झारखंड - सोन नदी जल बंटवारा समझौता

🟢 बिहार और झारखंड 31 अगस्त, 2026 को एक फॉर्मल एग्रीमेंट पर साइन किए हैं, जिससे सोन नदी के पानी के बंटवारे का मामला सुलझ जाएगा और झारखंड के बनने के बाद से लगभग 25 सालों से चले आ रहे विवाद का अंत हो जाएगा।

🟢 इसके तहत बिहार को 5.75 मिलियन एकड़-फीट (MAF) और झारखंड को 2 MAF पानी मिलेगा।

🟢 यह समझौता रोहतास जिले में सोन नदी पर बने इंद्रापुरी बैराज (जिसे इंद्रापुरी बांध या सोन बैराज भी कहा जाता है) के पूरी तरह से संचालन का रास्ता साफ करता है।

🟢 यह बैराज डेहरी-ऑन-सोन के पास, नदी के बहाव की दिशा में लगभग 5 किमी ऊपर की ओर स्थित है। यह बैराज झारखंड के उत्तरी जिलों गढ़वा और पलामू को जोड़ने वाली सीमा के पास स्थित है।

🟢 दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ, साइनिंग के समय मौजूद रहे।

🟢 सोन नदी विवाद

🟢 इस विवाद की जड़ें नवंबर 2000 में शुरू हुईं, जब झारखंड को अविभाजित बिहार से अलग किया गया था।

🟢 सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र और सहायक नदियां झारखंड के हिस्से में आईं, जबकि निचले हिस्से के कृषि केंद्र बिहार में रह गए।

🟢 इस विवाद की जड़ 1973 के बाणसागर समझौते में है। यह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच हुआ तीन-पक्षीय समझौता था, जिसके तहत अविभाजित बिहार को सोन नदी बेसिन से मिलने वाले कुल पानी में से 7.75 MAF पानी आवंटित किया गया था।

🟢 बिहार के बंटवारे के बाद, उस 7.75 MAF पानी के आवंटन को बिहार और नए बने राज्य झारखंड के बीच बांटने के लिए कोई बाध्यकारी फॉर्मूला नहीं था।


Current Affairs 3rd: 🟢 जितेंद्र मिश्रा - राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

🟢 ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हवाई अभियानों की कमान संभालने में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) चुना गया।

🟢 ट्रस्ट ने दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव को भी नए ट्रस्टी के तौर पर नियुक्त किया।

🟢 अयोध्या में राम मंदिर का आधिकारिक उद्घाटन 22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के साथ हुआ।

🟢 राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने पहले मंदिर के एडमिनिस्ट्रेशन में अधिक प्रोफेशनलिज्म, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए फुल-टाइम CEO की जरूरत पर जोर दिया था।

🟢 मिश्रा को 5,585 आवेदनों की जांच के बाद तीन सदस्यों वाली सिलेक्शन कमेटी द्वारा तैयार किए गए तीन उम्मीदवारों के फाइनल पैनल से चुना गया। इस पैनल में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विष्णुकांत चतुर्वेदी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हवारे शामिल थे।

🟢 जितेंद्र मिश्रा

🟢 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑपरेशन के दौरान जितेंद्र मिश्रा की विशिष्ट सेवा के सम्मान में उन्हें 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया था।

🟢 उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले मिश्रा ने भारतीय वायु सेना में लगभग चार दशक तक सेवा की और 30 अप्रैल, 2026 को वेस्ट एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद से रिटायर हुए।


Current Affairs 4th: 🟢 तेलंगाना का गोलाला गुड़ी मंदिर राष्ट्रीय महत्व का स्मारक

🟢 तेलंगाना राज्य के मुलुगु ज़िले के पालमपेट गाँव में स्थित प्राचीन ऐतिहासिक ‘गोलाला गुड़ी’ मंदिर को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया है। काकतीय काल का यह मंदिर विश्व धरोहर स्थल 'काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर' (जिसे रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है) के पास स्थित है।

🟢 काकतीय काल में बने पास के ही रामप्पा मंदिर को 2021 में UNESCO की विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिला था।

🟢 31 अगस्त 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में जारी अधिसूचना के साथ, यह कम प्रसिद्ध धरोहर स्थल अब ज़्यादा सख्त सुरक्षा और संरक्षण उपायों के दायरे में आ जाएगा, जिससे इसकी अनोखी वास्तुकला को बचाया जा सकेगा और यहाँ तक पहुँचना आसान हो सकेगा।

🟢 तेलुगु भाषी काकतीय राजवंश ने 12वीं से 14वीं शताब्दी तक पूर्वी दक्कन क्षेत्र पर शासन किया था।

🟢 गोलाला गुड़ी मंदिर

🟢 गोलाला गुड़ी एक 'त्रिकुटालाय' है, यानी ऐसा मंदिर जिसमें तीन गर्भगृह होते हैं। पूर्व की ओर मुख वाला इस मंदिर का मंडप तीन गर्भगृहों से जुड़ा हुआ है।

🟢 इसके केंद्रीय गर्भगृह में एक शिवलिंग है, जबकि मंदिर के बाहरी हिस्सों पर काकतीय शैली की बारीक नक्काशी की गई है।

🟢 इसकी मुंडेर (पैरापेट) पर मूर्तियाँ बनी हैं, जबकि एंटैब्लेचर (ऊपरी हिस्से) और दरवाज़ों पर 'हंस' (हंस पक्षी) की नक्काशी और जालीदार काम की कतारें हैं। इस मंदिर की कुछ वास्तुशिल्प विशेषताओं में ऊपर बताई गई चीज़ें शामिल हैं।


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