भारतीय इतिहास के 25 सबसे युगांतकारी युद्ध एवं ऐतिहासिक संधियाँ (Landmark Battles), हाई-स्पीड रिवीजन हेतु युद्ध वर्ष, प्रतिद्वंद्वी एवं उनके परिणामों का त्वरित संकलन

 

भारतीय इतिहास के 25 सबसे युगांतकारी युद्ध एवं ऐतिहासिक संधियाँ (Landmark Battles)

हाई-स्पीड रिवीजन हेतु युद्ध वर्ष, प्रतिद्वंद्वी एवं उनके परिणामों का त्वरित संकलन

इतिहास में कई ऐसे युद्ध लड़े गए जिन्होंने एक झटके में पूरे साम्राज्य का तख्तापलट कर दिया। परीक्षाओं के अंतिम समय में त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision) के लिए भारतीय इतिहास के इन 25 सबसे प्रमुख युद्धों को पूरी तरह याद रखें:

युद्ध का नाम (Battle)वर्ष (Year)किसके बीच लड़ा गया? (Opponents)विजयी कौन रहा? (Winner) एवं ऐतिहासिक महत्व
हाइडेस्पीज का युद्ध (Jhelum)326 ई.पू.सिकंदर (Alexander) और पंजाब के राजा पोरससिकंदर विजयी रहा परंतु पोरस की बहादुरी से प्रभावित होकर उसका राज्य वापस लौटा दिया।
कलिंग का युद्ध261 ई.पू.सम्राट अशोक और कलिंग राज्यअशोक विजयी। इसके बाद भीषण रक्तपात देखकर अशोक ने बौद्ध धर्म अपनाया और सदा के लिए युद्ध का त्याग कर दिया।
तराइन का प्रथम युद्ध1191 ई.पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरीपृथ्वीराज चौहान विजयी। गोरी जान बचाकर भागा।
तराइन का द्वितीय युद्ध1192 ई.पृथ्वीराज चौहान और मोहम्मद गोरीमोहम्मद गोरी विजयी। भारत में मुस्लिम साम्राज्य की वास्तविक नींव यहीं से पड़ी।
चंदावर का युद्ध1194 ई.मोहम्मद गोरी और कन्नौज के राजा जयचंदमोहम्मद गोरी विजयी। जयचंद मारा गया।
पानीपत का प्रथम युद्ध1526 ई.बाबर और इब्राहिम लोदीबाबर विजयी। दिल्ली सल्तनत समाप्त और भारत में मुगल साम्राज्य स्थापित
खानवा का युद्ध1527 ई.बाबर और मेवाड़ के वीर राणा सांगाबाबर विजयी। बाबर ने इस युद्ध में 'जिहाद' (धर्मयुद्ध) का नारा दिया और 'गाजी' की उपाधि ली।
घाघरा का युद्ध1529 ई.बाबर और अफगानों की संयुक्त सेनाबाबर विजयी। यह जल और थल दोनों पर लड़ा गया पहला युद्ध था।
चौसा का युद्ध1539 ई.शेरशाह सूरी और हुमायूंशेरशाह सूरी विजयी। हुमायूं ने गंगा नदी में कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद शेर खाँ ने 'शेरशाह' की उपाधि ली।
कन्नौज / बिलग्राम का युद्ध1540 ई.शेरशाह सूरी और हुमायूंशेरशाह सूरी विजयी। हुमायूं को भारत छोड़ना पड़ा और दिल्ली पर सूर्य साम्राज्य (द्वितीय अफगान वंश) स्थापित हुआ।
पानीपत का द्वितीय युद्ध1556 ई.अकबर (संरक्षक बैरम खाँ) और हेमू (हेमचंद्र)अकबर विजयी। हेमू की आँख में तीर लगने से वह मूर्छित होकर गिर गया और पराजित हुआ। शकों का तख्तापलट।
तालीकोटा का युद्ध (राक्षसी-तंगड़ी)1565 ई.विजयनगर साम्राज्य और दक्कन सल्तनतों का महासंघदक्कन महासंघ विजयी। दक्षिण भारत के सबसे महान और समृद्ध विजयनगर साम्राज्य का पतन हो गया।
हल्दीघाटी का युद्ध1576 ई.अकबर (सेनापति मानसिंह) और महाराणा प्रतापनिर्णायक परिणाम रहित / मुगल विजयी घोषित, महाराणा प्रताप ने कभी अधीनता स्वीकार नहीं की और अरावली की पहाड़ियों में छापामार युद्ध जारी रखा।
धर्मत / सामूगढ़ का युद्ध1658 ई.औरंगज़ेब और दारा शिकोह (शाहजहाँ के पुत्र)औरंगज़ेब विजयी। उत्तराधिकार का युद्ध था। औरंगज़ेब ने अपने भाइयों की हत्या कर गद्दी हथिया ली।
कर्नाल का युद्ध1739 ई.ईरान का नेपोलियन नादिरशाह और मुगल सम्राट मोहम्मद शाह 'रंगीला'नादिरशाह विजयी। वह भारत से शाहजहाँ का मयूर सिंहासन (तख्त-ए-ताऊस) और बेशकीमती कोहिनूर हीरा लूटकर ले गया।
प्लासी का युद्ध1757 ई.रॉबर्ट क्लाइव (अंग्रेज) और बंगाल का नवाब सिराजुद्दौलाअंग्रेज विजयी। मीर जाफर के विश्वासघात के कारण सिराजुद्दौला की हार हुई। बंगाल में अंग्रेजी राज की शुरुआत।
वांडीवाश का युद्ध1760 ई.ब्रिटिश सेना (आयरकूट) और फ्रांसीसी सेना (लाली)अंग्रेज विजयी। भारत में फ्रांसीसियों की शक्ति पूर्णतः समाप्त हो गई और वे केवल व्यापार तक सीमित रह गए।
पानीपत का तृतीय युद्ध1761 ई.अहमद शाह अब्दाली (अफगान) और मराठा सेनापति सदाशिवराव भाऊअहमद शाह अब्दाली विजयी। मराठा शक्ति को भारी झटका लगा। इतिहासकार सरदेसाई ने लिखा- "मराठों का कोई ऐसा घर नहीं था जिसने अपना कोई सगा न खोया हो।"
बक्सर का युद्ध1764 ई.अंग्रेज (हेक्टर मुनरो) और भारतीय संयुक्त सेना (मीर कासिम, शुजाउद्दौला, शाहआलम)अंग्रेज विजयी। भारत पर अंग्रेजों का वास्तविक शासन यहीं से स्थापित हुआ। इसके बाद बंगाल में 'द्वैध शासन' शुरू हुआ।

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