संघीय एवं राज्य सरकार: कार्यपालिका व विधायिका (The Union & State Governments) || न्यायपालिका, स्थानीय स्वशासन एवं संवैधानिक संस्थाएं (Judiciary, Local Self-Gov & Bodies)
संघीय एवं राज्य सरकार: कार्यपालिका व विधायिका (The Union & State Governments)
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद (लोकसभा व राज्यसभा) और प्रांतीय शासन संरचनाओं का विस्तृत एवं तुलनात्मक अध्ययन
1. भारत का राष्ट्रपति (The President - Articles 52-62)
राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख, प्रथम नागरिक और तीनों सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति होता है।
- **निर्वाचन (अनुच्छेद 54):** एक निर्वाचक मंडल द्वारा होता है जिसमें लोकसभा व राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (दिल्ली व पुदुच्चेरी सहित) भाग लेते हैं। **मनोनीत सदस्य वोट नहीं दे सकते**। निर्वाचन पद्धति **'एकल संक्रमणीय मत प्रणाली'** पर आधारित है (अनुच्छेद 55)।
- **योग्यताएं:** न्यूनतम **35 वर्ष** की आयु, भारत का नागरिक, और लोकसभा सदस्य बनने की योग्यता रखता हो।
- **महाभियोग (अनुच्छेद 61):** राष्ट्रपति को संविधान के उल्लंघन के आधार पर संसद के दोनों सदनों में से किसी में भी 2/3 बहुमत से पारित प्रस्ताव द्वारा हटाया जा सकता है।
- **क्षमादान की शक्ति (अनुच्छेद 72):** राष्ट्रपति कोर्ट मार्शल और मृत्युदंड को भी पूर्णतः क्षमा कर सकता है।
- **आपातकालीन शक्तियां (भाग 18):**
- *राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352):* युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के समय (अब तक 3 बार: 1962, 1971, 1975)।
- *राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356):* राज्यों में संवैधानिक तंत्र की विफलता पर (सर्वप्रथम 1951 में पंजाब में)।
- *वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360):* वित्तीय साख को खतरा होने पर (**भारत में अभी तक एक बार भी लागू नहीं**)।
2. प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद (Articles 74-75)
प्रधानमंत्री देश का वास्तविक प्रमुख (De-Facto Executive) होता है। राष्ट्रपति केवल नाममात्र का कार्यपालिका प्रमुख है।
- **सामूहिक उत्तरदायित्व:** मंत्रिपरिषद **सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी** होती है (अनुच्छेद 75)। अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है।
- **आकार सीमा (91वां संशोधन, 2003):** मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री सहित) लोकसभा के कुल सदस्यों के **15% से अधिक नहीं** हो सकती।
3. भारतीय संसद (The Parliament - Articles 79-122)
- **अनुच्छेद 79:** संसद का गठन राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा से मिलकर होता है।
राज्यसभा (उच्च सदन / राज्यों की परिषद)
- - **स्थाई सदन:** इसे कभी भंग नहीं किया जा सकता (अनुच्छेद 80)।
- - **अधिकतम सदस्य:** 250 (वर्तमान में 245 हैं)। 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान व समाज सेवा क्षेत्र से मनोनीत होते हैं।
- - **सदस्यों का कार्यकाल:** 6 वर्ष। प्रत्येक दो वर्ष में इसके 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
- - **न्यूनतम आयु:** 30 वर्ष।
- - **विशेष अधिकार:** अनुच्छेद 249 (राष्ट्रीय हित में राज्य सूची पर कानून बनाना) और अनुच्छेद 312 (नई अखिल भारतीय सेवाओं का सृजन)।
लोकसभा (निम्न सदन / जनता का सदन)
- - **अस्थाई सदन:** कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है, परंतु इसे समय से पूर्व भंग किया जा सकता है (अनुच्छेद 81)।
- - **वास्तविक सदस्य:** 543 (आंग्ल-भारतीयों का मनोनयन 104वें संशोधन द्वारा समाप्त)।
- - **न्यूनतम आयु:** 25 वर्ष।
- - **लोकसभा अध्यक्ष (Speaker):** कोई विधेयक 'धन विधेयक' (Money Bill) है या नहीं, इसका अंतिम फैसला करता है (अनुच्छेद 110)।
- - **संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108):** इसकी अध्यक्षता हमेशा लोकसभा अध्यक्ष करता है।
4. राज्य विधानमंडल (State Legislature)
राज्यों में भी संघ के समान व्यवस्था है। राज्यपाल (संवैधानिक प्रमुख), मुख्यमंत्री (वास्तविक प्रमुख) और विधानसभा (निम्न सदन) होते हैं। कुछ राज्यों में उच्च सदन के रूप में **'विधान परिषद' (Legislative Council - अनुच्छेद 169)** भी कार्य करती है। वर्तमान में भारत के केवल **6 राज्यों** (उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) में विधान परिषद है।
न्यायपालिका, स्थानीय स्वशासन एवं संवैधानिक संस्थाएं (Judiciary, Local Self-Gov & Bodies)
सर्वोच्च न्यायालय, पंचायती राज व्यवस्था (73वां व 74वां संशोधन), वित्त आयोग, चुनाव आयोग, कैग और नीति आयोग का परीक्षा-उपयोगी विश्लेषण
1. भारत की न्यायपालिका (The Indian Judiciary)
भारत में एकीकृत स्वतंत्र न्यायपालिका है, जिसके शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय है:
- **सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court - Articles 124-147):** स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई थी। वर्तमान में इसमें **1 मुख्य न्यायाधीश (CJI) और 33 अन्य न्यायाधीश** (कुल 34 न्यायाधीश) हैं। ये 65 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहते हैं।
- **अभिलेख न्यायालय (अनुच्छेद 129):** इसके फैसले देश के सभी न्यायालयों में साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य होते हैं और इसे अपनी अवमानना पर दंड देने का अधिकार है।
- **न्यायिक पुनरावलोकन (अनुच्छेद 137):** संसद द्वारा पारित असंवैधानिक कानूनों को शून्य घोषित करने और अपने पुराने निर्णयों को पलटने की शक्ति।
- **परामर्शदात्री क्षेत्र (अनुच्छेद 143):** राष्ट्रपति द्वारा मांगे जाने पर मुख्य न्यायाधीश कानूनी सलाह दे सकते हैं, हालांकि राष्ट्रपति उसे मानने के लिए विवश नहीं है।
- **उच्च न्यायालय (High Courts - अनुच्छेद 214):** वर्तमान में भारत में कुल **25 उच्च न्यायालय** हैं। सबसे पुराना कलकत्ता (1862) और सबसे नवीनतम अमरावती (2019) है। न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक पद पर रहते हैं और राज्यपाल के समक्ष शपथ लेते हैं।
2. स्थानीय स्वशासन: पंचायती राज (Local Self-Government)
स्थानीय स्वशासन का जनक **लॉर्ड रिपन (1882)** को माना जाता है। बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने **'त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था'** की सिफारिश की। सर्वप्रथम **2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले** में जवाहरलाल नेहरू द्वारा इसका उद्घाटन किया गया था।
- **73वां संविधान संशोधन (1992):** इसके द्वारा पंचायतों को संवैधानिक मान्यता मिली। संविधान में **भाग 9 और 11वीं अनुसूची** जोड़ी गई, जिसमें पंचायतों को कार्य करने के लिए **29 विषय** दिए गए। यह **24 अप्रैल 1993** से पूरे देश में प्रभावी हुआ, इसीलिए प्रतिवर्ष **24 अप्रैल को 'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस'** मनाया जाता है।
- **74वां संविधान संशोधन (1992):** शहरी स्थानीय स्वशासन (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इसके तहत संविधान में **भाग 9A और 12वीं अनुसूची** जोड़ी गई, जिसमें कुल **18 विषय** शामिल हैं।
- **पंचायतों की मुख्य विशेषताएं:** तीनों स्तरों पर महिलाओं के लिए न्यूनतम **1/3 (33%) सीटें आरक्षित** हैं। चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु **21 वर्ष** होनी चाहिए। कार्यकाल **5 वर्ष** निर्धारित है और भंग होने की दशा में 6 महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
3. महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं गैर-संवैधानिक संस्थाएं
- **भारत का निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324):** यह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, संसद व राज्य विधानमंडलों के चुनाव कराने वाली स्वतंत्र संस्था है। स्थापना **25 जनवरी 1950** को हुई (इसीलिए 25 जनवरी को **'राष्ट्रीय मतदाता दिवस'** मनाया जाता है)। यह 3-सदस्यीय आयोग है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक होता है।
- **नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG - अनुच्छेद 148):** इसे 'सार्वजनिक धन का संरक्षक' कहा जाता है। केंद्र व राज्यों के खर्चों का ऑडिट करता है। कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु। इसकी रिपोर्ट की जांच संसद की 'लोक लेखा समिति' (PAC) करती है।
- **वित्त आयोग (Finance Commission - अनुच्छेद 280):** प्रत्येक 5 वर्ष में राष्ट्रपति द्वारा गठित। मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों (Taxes) के वितरण की सिफारिश करना है। 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.के. सिंह थे और **16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया** हैं।
- **नीति आयोग (गैर-संवैधानिक संस्था):** इसने योजना आयोग को प्रतिस्थापित किया। इसकी स्थापना **1 जनवरी 2015** को कैबिनेट के प्रस्ताव पर की गई। इसका अध्यक्ष हमेशा **प्रधानमंत्री** होता है। यह सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर आधारित भारत सरकार का प्रमुख 'थिंक टैंक' है।
⚠️ अति महत्वपूर्ण संविधान संशोधन (Quick Revision):
- **1ला संशोधन (1951):** 9वीं अनुसूची जोड़ी गई (भूमि सुधार)।
- **42वां संशोधन (1976):** इसे 'लघु संविधान' (Mini Constitution) कहा गया; समाजवाद, पंथनिरपेक्षता, अखंडता और मौलिक कर्तव्य जोड़े गए।
- **44वां संशोधन (1978):** संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया गया; आपातकाल में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द जोड़ा गया; अनुच्छेद 20 व 21 कभी निलंबित न होने का नियम।
- **52वां संशोधन (1985):** दलबदल कानून (10वीं अनुसूची)।
- **61वां संशोधन (1989):** मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई।
- **101वां संशोधन (2016):** जीएसटी (GST) कर प्रणाली लागू की गई।
- **103वां संशोधन (2019):** सामान्य वर्ग के गरीबों (EWS) को 10% आरक्षण।
- **106वां संशोधन (2023):** लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)।
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