विश्व का क्षेत्रीय भूगोल एवं महासागर (World Geography & Oceanography) || वायुमंडल, पवनें एवं वैश्विक जलवायु (Atmosphere and Climatology)
विश्व का क्षेत्रीय भूगोल एवं महासागर (World Geography & Oceanography)
7 महाद्वीपों के विशिष्ट भौगोलिक लक्षण, महासागरीय जलधाराएं एवं महत्वपूर्ण जलसंधियां
इस पोस्ट पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है।
दोस्तों यह पोस्ट उन विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है जो कॉम्पिटेटिव एक्जाम या कोई अन्य एग्जाम की तैयारी करते हैं Ex :- UPSC, BPSC, SSC, UPPSC, Railway, Banking, Teacher etc. पूरा जरूर पढ़े
1. सात महाद्वीपों के महत्वपूर्ण परीक्षा उपयोगी तथ्य (7 Continents)
पृथ्वी का कुल थल भाग सात महाद्वीपों में विभाजित है, जिनका क्षेत्रफल के घटते क्रम में विवरण इस प्रकार है:
- एशिया (Asia): विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप (कुल थल का 30%)। यहाँ विश्व का सबसे ऊंचा बिंदु माउंट एवरेस्ट और सबसे गहरा स्थल 'मृत सागर' (Dead Sea) स्थित है। तिब्बत का पठार (विश्व की छत) और पामीर की गांठ यहीं स्थित हैं।
- अफ्रीका (Africa): इसे 'अंध महाद्वीप' (Dark Continent) भी कहते हैं। यह एकमात्र महाद्वीप है जिससे होकर कर्क रेखा, भूमध्य रेखा और मकर रेखा तीनों गुजरती हैं। विश्व की सबसे लंबी नदी 'नील नदी' (Nile) और सबसे बड़ा मरुस्थल 'सहारा मरुस्थल' यहीं स्थित हैं।
- उत्तरी अमेरिका (North America): इसे नई दुनिया कहा जाता है। इसकी खोज कोलंबस ने की थी। यहाँ विश्व की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील 'सुपीरियर झील' (Lake Superior) और महान झील प्रदेश स्थित हैं।
- दक्षिण अमेरिका (South America): इसे 'पक्षियों का महाद्वीप' कहा जाता है। विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला 'एंडीज' (Andes) और पानी के आयतन की दृष्टि से सबसे बड़ी नदी 'अमेज़न नदी' (Amazon) इसी महाद्वीप में बहती है।
- अंटार्कटिका (Antarctica): इसे 'श्वेत महाद्वीप' या विज्ञान के लिए समर्पित महाद्वीप कहते हैं क्योंकि यह सदैव 98% बर्फ की मोटी चादर से ढका रहता है। भारत के तीन अनुसंधान केंद्र - गंगोत्री (नष्ट), मैत्री और भारती यहीं स्थापित हैं।
- यूरोप (Europe): यह सबसे विकसित और शहरीकृत महाद्वीप है। इसमें मरुस्थल का सर्वथा अभाव है। काकेशस पर्वत की 'माउंट एल्ब्रूस' यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है।
- ऑस्ट्रेलिया (Australia): यह विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है, जिसे प्यासी भूमि का देश भी कहा जाता है। यहाँ प्रसिद्ध 'ग्रेट बैरियर रीफ' (Great Barrier Reef) स्थित है, जो मूंगे की सबसे बड़ी दीवार है।
2. महासागरीय जलधाराएं (Ocean Currents)
महासागर के जल का एक निश्चित दिशा में निरंतर तीव्र गति से बहना जलधारा कहलाता है। तापमान के आधार पर जलधाराएं दो प्रकार की होती हैं:
- गर्म जलधारा (Warm Currents): ये भूमध्य रेखा से उत्पन्न होकर ध्रुवों की ओर बहती हैं और अपने साथ गर्म पानी ले जाती हैं, जिससे तटीय क्षेत्रों का तापमान बढ़ जाता है।
उदाहरण: गल्फ स्ट्रीम (उत्तरी अटलांटिक), क्यूरोशियो (प्रशांत), अलास्का जलधारा। - ठंडी जलधारा (Cold Currents): ये ध्रुवों से उत्पन्न होकर भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं और अपने साथ ठंडा पानी लाती हैं।
उदाहरण: लैब्राडोर जलधारा (अटलांटिक), हम्बोल्ट या पेरू जलधारा (प्रशांत), कैनरी जलधारा।
🔥 महत्वपूर्ण परीक्षा विशेष जलधाराएं:
1. गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream): इसे 'यूरोप का गर्म कंबल' कहा जाता है, क्योंकि यह ठंडे पश्चिमी यूरोप के तटों को जमने से बचाती है।
2. न्यूफाउंडलैंड क्षेत्र: जहाँ गर्म गल्फ स्ट्रीम और ठंडी लैब्राडोर जलधारा आपस में मिलती हैं, वहाँ घना कोहरा छाया रहता है, जो प्लैंकटन घास की प्रचुरता के कारण विश्व का सर्वोत्तम मछली पकड़ने का केंद्र (जैसे ग्रैंड बैंक) बनाता है।
वायुमंडल, पवनें एवं वैश्विक जलवायु (Atmosphere and Climatology)
वायुमंडल की रासायनिक परतें, ओजोन क्षरण, वैश्विक दाब पेटियां एवं स्थानीय पवनें
1. वायुमंडल की संरचना और परतें (Atmospheric Profile)
हमारी पृथ्वी के चारों ओर गैसों, जलवाष्प और धूलकणों का एक विशाल आवरण पाया जाता है, जिसे वायुमंडल कहते हैं। वायुमंडल में मुख्य रूप से नाइट्रोजन (78.08%), ऑक्सीजन (20.95%), ऑर्गन (0.93%) और कार्बन डाइऑक्साइड (0.04%) गैसें पाई जाती हैं। तापमान और घनत्व के आधार पर इसे नीचे से ऊपर की ओर 5 परतों में विभाजित किया गया है:
- क्षोभमंडल (Troposphere): यह वायुमंडल की सबसे निचली और सघन परत है, जिसकी औसत ऊंचाई ध्रुवों पर 8 किमी और भूमध्य रेखा पर 18 किमी होती है। वायुमंडल के कुल द्रव्यमान का 75% इसी परत में है। सभी मौसमी घटनाएँ (जैसे- बादल बनना, वर्षा, आंधी, तूफान, ओला वृष्टि) इसी परत में घटित होती हैं। इस परत में प्रत्येक 165 मीटर की ऊंचाई पर जाने पर तापमान 1°C घट जाता है, जिसे 'सामान्य ह्रास दर' कहते हैं।
- समतापमंडल (Stratosphere): यह क्षोभमंडल के ऊपर 50 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है। यहाँ तापमान लगभग समान रहता है और बादलों व धूलकणों का पूर्ण अभाव होता है, जिससे यह वायुयान उड़ाने के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इसी परत में 15 से 35 किमी के बीच ओजोन परत (Ozone Layer) पाई जाती है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV-Rays) को सोखकर हमारी कैंसर जैसी घातक बीमारियों से रक्षा करती है। ओजोन परत की मोटाई मापने की इकाई 'डॉबसन' (Dobson) है।
- मध्यमंडल (Mesosphere): यह 50 से 80 किमी की ऊंचाई तक फैला है। यह वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ का न्यूनतम तापमान -100°C तक गिर जाता है। अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर आने वाले उल्कापिंड इसी परत में घर्षण के कारण जलकर नष्ट हो जाते हैं।
- आयनमंडल (Ionosphere): यह 80 से 640 किमी के बीच विस्तृत है। इस परत में सूर्य की किरणों के प्रभाव से गैसें आयनित (विद्युत आवेशित) अवस्था में पाई जाती हैं। यह परत पृथ्वी से भेजी जाने वाली रेडियो तरंगों को परावर्तित कर संचार प्रणाली (रेडियो, टीवी, मोबाइल इंटरनेट) को सुगम बनाती है।
- बाह्यमंडल (Exosphere): यह 640 किमी से ऊपर वायुमंडल की सबसे बाहरी और अत्यंत पतली परत है। यहाँ गुरुत्वाकर्षण बल बहुत क्षीण होता है और हाइड्रोजन व हीलियम गैसों की प्रधानता होती है। कृत्रिम संचार उपग्रह मुख्यतः इसी परत में स्थापित किए जाते हैं।
2. वैश्विक स्थानीय पवनें (Local Winds of the World)
तापमान और वायुदाब के क्षेत्रीय अंतर के कारण किसी विशेष भूभाग में चलने वाली पवनों को स्थानीय पवनें (Local Winds) कहते हैं। परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले प्रमुख स्थानीय पवनों की सूची निम्नलिखित है:
| पवन का नाम | प्रकृति | प्रभावित क्षेत्र | विशेष विवरण |
|---|---|---|---|
| चिनूक (Chinook) | गर्म व शुष्क | रॉकी पर्वतमाला (USA व कनाडा) | इसे 'हिम भक्षक' (Snow Eater) भी कहते हैं क्योंकि यह बर्फ को पिघलाकर चारागाहों को हरा-भरा बनाती है। |
| लू (Loo) | अत्यंत गर्म व धूलभरी | उत्तर भारत व पाकिस्तान के मैदान | ग्रीष्म ऋतु (मई-जून) में चलने वाली जानलेवा शुष्क पवन। |
| हरमट्टन (Harmattan) | गर्म व शुष्क | सहार मरुस्थल से गिनी तट (पश्चिम अफ्रीका) | इसे 'डॉक्टर पवन' (Doctor Wind) कहा जाता है क्योंकि यह गिनी तट के उमस भरे मौसम को सुहावना बनाती है। |
| मिस्ट्रल (Mistral) | अत्यंत ठंडी | स्पेन व फ्रांस (रोन घाटी) | शीतकाल में तीव्र गति से चलने वाली बर्फीली हवा जो तापमान को हिमांक से नीचे ले जाती है। |
| सिरोक्को (Sirocco) | गर्म व धूलभरी | सहारा से भूमध्य सागर पार कर इटली | इटली में लाल बालू के कारण यह 'रक्त वर्षा' (Blood Rain) कराती है जिससे जैतून की फसल नष्ट हो जाती है। |
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